Surya Namaskar 12 Mantra:सूर्य नमस्कार कैसे करना चाहिए ?

नमस्ते दोस्तों आज मैं आपको सूर्य नमस्कार के बारे में बताने वाला हु की ये प्राचीन युग से चला आ रहा योग क्या आज भी उतना ही प्रभावी है जितना की पहले था ? तो मैं आपको बताना चाहूंगा की यह योग अगर कोई भी इंसान करता हैं तो वह अपने शरीर को रोगों से मुक्त और वज्र जैसा बना सकता हैं।

आपको मैं और जानकारी दे दू की इसे इंग्लिश में सन सैल्यूटेशन भी कहते है, यह योग का एक महत्वपूर्ण और लोगों का सबसे पसंदीदा योग हैं इसके 12 स्टेप अगर आप कर लेंगे तो पुरे शरीर की वर्कआउट हो जाता हैं । आपको यह पता तो होगा ही की ये शारीरिक स्वास्थ्य और मानसिक शांति के लिए बहुत ही लाभकारी माना जाता है। और सूर्य नमस्कार के 12 योगासन होते हैं, जिन्हें लाइन बाई लाइन किया जाता हैं ।

दोस्तों अगर आप लोगों ने सूर्य नमस्कार को करते समय निचे दिए गए 12 मंत्रो का उच्चारण कर लिया तो यह सूर्य नमस्कार और भी पवित्र और प्रभावशाली हो जायेगा। आपको मैं इसके 12 आसनों को करते समय किन किन मंत्रों का उच्चारण करना चाइये इसके बारे में निचे बताऊंगा।

सूर्य नमस्कार के 12 मंत्र (12 mantras of Surya Namaskar)

सूर्य नमस्कार के एक एक आसन के साथ एक विशेष पावरफुल मंत्र जुड़ा है। ये मंत्र भगवान सूर्य को समर्पित हैं और इन्हें जाप करने से मानसिक शांति और आध्यात्मिक ध्यान की प्राप्ति होती है। यह 12 पावरफुल मंत्र इस प्रकार हैं-

  1. ओम् मित्राय नमः (Om Mitray Namah)
  2. ओम् रवये नमः (Om Ravye Namah)
  3. ओम् सूर्याय नमः (Om Suryaya Namah)
  4. ओम् भानवे नमः (Om Bhanave Namah)
  5. ओम् खगाय नमः (Om Bhanave Namah)
  6. ओम् पूष्णे नमः (Om Pushne Namah)
  7. ओम् हिरण्यगर्भाय नमः (Om Hiranyagarbhaya Namah)
  8. ओम् मरीचये नमः (Om Marichaye Namah)
  9. ओम् आदित्याय नमः (Om Adityaya Namah)
  10. ओम् सवित्रे नमः (Om Savitre Namah)
  11. ओम् अर्काय नमः (Om Arkaya Namah)
  12. ओम् भास्कराय नमः (Om Bhaskaraya Namah)

दोस्तों 12 आसनों को करते समय इन मंत्रो का उच्चारण जरूर करियेगा आपको इसका रिजल्ट कुछ ही दिनों में देखने को मिल जायेगा।

सूर्य नमस्कार करने की विधि ( Method of doing Surya Namaskar )

सूर्य नमस्कार के 12 आसनों को करते समय आपको कुछ बातों का ध्यान रखना होगा जिससे आपको सूर्य नमस्कार करते समय कोई परेशानी का सामना ना करना पड़े इन बातों पर गौर करे –

आपको Surya Namskar करने से पहले आपको एक ग्लास पानी पीना चाइये उसके बाद शौच आदि क्रिया करके अपने आसान के लिए चटाई या मेट का उपयोग करना चाइये यह करना आवश्यक है तभी आपको इसका पूरा फायदा मिलेगा। और हाँ आपको यह सभी आसान सूर्य जिधर से उगता है उधर अपने मुख को करते हुए करना हैं।

प्रणामासन (Pranamasana): सीधे खड़े हो जाएं, हाथों को नमस्कार मुद्रा में जोड़ें मंत्र “ओम् मित्राय नमः” का उच्चारण करें। इसके बाद लम्बी साँस भरे और सांसो को नार्मल कीजिए।

हस्त उत्तानासन (Hasta Uttanasana): साँस भरते हुए हाथों को ऊपर उठाएं और हाथों को कानों के पास सटाते हुए अपने शरीर को पीछे की ओर ले जाये जितना संभव हो सके। मंत्र “ओम् रवये नमः” का जाप करें।

पादहस्तासन (Padahastasana): साँस छोड़ते हुए आगे की ओर झुकें और अपने हाथों से पैर छूने की कोशिश करें। मंत्र “ओम् सूर्याय नमः” का उच्चारण करें।

अश्व संचालानासन (Ashwa Sanchalanasana): अपनी साँसो को धीरे धीरे भरे और दाहिने पैर को पीछे की ओर ले जाएं और बाएं पैर को मोड़ें। हाथों को जमीन पर रखें और सिर को आसमान की दिशा में ऊपर की और उठाएं। मंत्र “ओम् भानवे नमः” का जाप करें।

दंडासन (Dandasana): बाएं पैर को भी पीछे ले जाएं और शरीर को सीधा रखें, जैसे कि एक दंड। मंत्र “ओम् खगाय नमः” का उच्चारण करें।

अष्टांग नमस्कार (Ashtanga Namaskara): घुटने, छाती और ठोड़ी को जमीन पर रखें। मंत्र “ओम् पूष्णे नमः” का जाप करें।

भुजंगासन (Bhujangasana): अपने शरीर के ऊपरी भाग मतलब की कमर से ऊपर का हिस्सा इसको उठाएं और पीठ को पीछे की ओर मोड़ें। मंत्र “ओम् हिरण्यगर्भाय नमः” का उच्चारण करें।

अधोमुख श्वानासन या पर्वतासन (Adho Mukha Svanasana): शरीर को उल्टा V आकार में रखें। मंत्र “ओम् मरीचये नमः” का जाप करें। इसके बाद आसान को दोहराना पड़ता हैं जैसे पहले किये उसके विपरीत करना होता हैं।

अश्व संचालानासन (Ashwa Sanchalanasana): दाएं पैर को आगे की ओर ले जाएं और बाएं पैर को पीछे रखें। सिर को ऊपर उठाएं और मंत्र “ओम् आदित्याय नमः” का उच्चारण करें।

पादहस्तासन (Padahastasana): बाएं पैर को आगे की ओर लाएं और आगे झुकें। मंत्र “ओम् सवित्रे नमः” का जाप करें।

हस्त उत्तानासन (Hasta Uttanasana): सीधे खड़े हो जाएं और हाथों को ऊपर उठाएं। मंत्र “ओम् अर्काय नमः” का उच्चारण करें।

प्रणामासन (Pranamasana): नमस्कार मुद्रा में वापस आएं और मंत्र “ओम् भास्कराय नमः” का जाप करें।

सूर्य नमस्कार के लाभ (benefits of Surya namaskar)

सूर्य नमस्कार को आप अगर हरदिन करते हैं तो आपके शरीर में बहुत से फायदे देखने को मिलेंगे आपको कुछ मेजर मेजर फायदे निचे बताने जा रहा हु इसे ध्यान से जरूर पड़े।

  1. शारीरिक स्वास्थ्य: यह अभ्यास मांसपेशियों को मजबूत करता है, लचीलापन बढ़ाता है और वजन कम करने में मदद करता है।
  2. फेफड़े सम्बन्धी : आपको पता ही हैं की जब हम योग करते हैं तो हम हर एक आसान में अपने साँस बदलते रहते हैं जिससे हमारे फेफड़े फूलते है फिर सिकुड़ते हैं जिससे इसकी अच्छी व्यायाम हो जाती हैं फेफड़ो की वायु को ज्यादा टाइम तक रोक लेने की क्षमता बढ़ती हैं और हमें दमा जैसे बीमारी नहीं होती हैं।
  3. मानसिक शांति: नियमित अभ्यास से मानसिक तनाव कम होता है और ध्यान की शक्ति बढ़ती है।
  4. हृदय स्वास्थ्य: यह हृदय गति को नियमित और नियंत्रित करता है और रक्त संचार को बढ़ाता है।
  5. पाचन तंत्र: सूर्य नमस्कार पाचन तंत्र को मजबूत करता है और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है।

हमारे ऋषि मुनियों ने ऐसे ही नहीं बना दिया सूर्य नमस्कार के आसनो को इसमें हर एक आसन दूसरे आसन से बहुत साइंटिफिक तरीके से जुड़ा हुआ हैं। इसलिए इसे एक सम्पूर्ण योग अभ्यास कहते है जो शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को समृद्ध करता है और रोगो से मुक्त रखता हैं । इसे प्रतिदिन करने से जीवन में सकारात्मकता और ऊर्जा का संचार होता है।

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