माइग्रेन का परमानेंट इलाज क्या है?

दोस्तों आज हम एक ऐसी समस्या के बारे में बात करने वाले हैं जिससे 100 में से 75 लोग परेशान हैं मैं बात कर रहा हूं migraine की दोस्तों इस विषय के बारे में आज विस्तार से इस आर्टिकल के माध्यम से इसके बारे में बताएंगे तो आप बने रहिए। माइग्रेन सिर्फ एक सर दर्द ही नहीं है बल्कि एक गंभीर न्यूरोलॉजिकल समस्या है ।

सर दर्द में migraine एक ऐसी समस्या है जिस किसी व्यक्ति को देखो कोई ना कोई सर दर्द से परेशान है हर व्यक्ति कहता है मुझे हेडेक हैं , स्ट्रेस है, तनाव से सर में दर्द है दुनिया भर के लगभग 15% लोग migraine की समस्या से प्रभावित है । यह एक ऐसी स्थिति है जो सर के एक हिस्से में बहुत ही तेज दर्द के रूप में फैलती है ।

हर व्यक्ति को कभी ना कभी सर में दर्द हो जाता है । वह एक अलग बात है परंतु वही सर दर्द लगातार चल तो माइग्रेन के रूप में दिखाई देता है ।

दोस्तों हम माइग्रेन पेन के लक्षण, कारण , डायग्नोसिस और उपचार के कुछ प्रभावित उपायों के साथ साथ आयुर्वेद में इसके इलाज की भी चर्चा करेंगे

अगर आप migraine के दर्द से परेशान है या आपके जान पहचान, आसपास के लोगों में किसी को भी migraine की समस्या है तो हमारे द्वारा बताए गए उपचार, प्रभावी उपायों से उन लोगों को राहत मिल सकती है। और आप migraine की समस्या से छुटकारा पा सकते हैं।

माइग्रेन क्या होता है?

माइग्रेन एक प्रकार का हेडेक होता है, migraine के दौरान दिमाग में जो ब्लड सेल्स होते हैं, नसे होती है वह फैल जाती है और दर्द होने लगता है इसमें इन्फ्लेमेटरी सब्स्टेंसेस रिलीज होते हैं । यही दर्द और दूसरे सिम्टम्स का कारण बनते हैं । लेकिन यह किसी साधारण सर दर्द से काफी ज्यादा अलग होता है । यह एक न्यूरोलॉजिकल समस्या है जिसमें दिमाग के कुछ खास पार्ट्स, हाइपर एक्टिव हो जाते हैं जिससे की तेज दर्द होता है और यह दर्द ज्यादातर सर के एक ही हिस्से में महसूस होता है ।

माइग्रेन के लक्षण

माइग्रेनहेडेक के अंदर पेशेंट को सर के एक साइड में बहुत दर्द होता है, यह दर्द ज्यादातर व्यक्तियों का जो फ्रंट ऑटेम्पल एरिया है औरऑर्कियार एरिया है इसमें यह दर्द ज्यादातर होता है और कई बार सर के पीछे के एरिया तक भी दर्द जा सकता है और गर्दन में भी दर्द हो सकता है । migraine दर्द व्यक्ति में 1 से 2 घंटे में सिवियरटी में बढ़ाता हैं और यह दर्द चार से 72 घंटे तक रह सकता है ।

माइग्रेन दर्द में व्यक्ति को कई बार सेंसरी या विजुअल सिस्टम आ जाते हैं जिन्हें ओरा कहा जाता है। यह migraine दर्द के पहले भी आ सकते हैं और कई बार दर्द के बाद भी आ सकते हैं ओरा का मतलब कुछ ऐसे विजुअल डिस्टरबेंस होने लगते हैं जिससे व्यक्ति को कुछ फ्लैशिंग लाइट्स उड़ती हुई या विजन में टेंपरेरी वर्टिकल लाइन दिखती है इस प्रकार बदलाव आपकी नजर में आने लगते हैं ।

migraine दर्द में व्यक्ति की डेली एक्टिविटीज करने में दिक्कत होती है और migraine में व्यक्ति को तेज रोशनी और आवाज से प्रॉब्लम होती है । और कुछ लोगों को उल्टी और मतली की शिकायत भी होने लगती है ।

माइग्रेन के क्या क्या कारण हैं ?

migraine के कारण को समझना बहुत जरूरी है ताकि हम इसे रोकने के लिए सही कदम उठा सके और सावधान रह सके तो चलो जानते हैं-

  • नींद पूरा न होना यह माइग्रेन के अटैक को बढ़ावा देता है ।
  • कुछ खाने की चीजे भी माइग्रेन को बढ़ावा देती है किसी खाने के प्रति एलर्जी और खाने के पदार्थ में मौजूद केमिकल्स यह भी कुछ कारण हो सकते हैं।
  • बहुत तेज रोशनी का होना, बहुत तेज धूप में चले जाना,बहुत तेज शोर सराबा होना या किसी चीज को सूंघ लेना। यह माइग्रेन को बढ़ाने का काम करते हैं ।
  • जेनेटिक्स फैक्टर्स भी बहुत हद तक कारण बन सकते हैं अगर आपके परिवार में किसी को माइग्रेन की समस्या है तो यह संभावना हो सकती है।
  • ऐसे केमिकल्स जिसे दिमाग रिलीज करता है अगर यह केमिकल्स कम ज्यादा हो जाए या इनमें कोई इंबैलेंस हो जाए जैसे सेरोटोनिन केमिकल इसे ब्रेन रिलीज करता है इससे भी माइग्रेन होने का ज्यादा चांस होता है ।
  • स्ट्रेस होना नींद का कम आना या ज्यादा आना यह भी कुछ कारण हो सकते हैं स्ट्रेस से हमारे शरीर में सर्टेन नामक हार्मोन्स रिलीज होते हैं जो माइग्रेन को ट्रिगर करने का काम करते हैं ।

माइग्रेन का डायग्नोसिस

माइग्रेन की बात करें तो इसका निदान करना बहुत ही आवश्यक है माइग्रेन का डायग्नोसिस मुख्य रूप से डॉक्टरी इलाज और मेडिकल पर आधारित है । डॉक्टर आमतौर पर माइग्रेन का डायग्नोसिस कर देते हैं । इसमें हेडेक की प्रकृति और साथ में होने वाले सिंप्टोम्स को देखा जाता है । अगर आपको माइग्रेन की समस्या है तो एक अच्छे डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए।

आयुर्वेद के अनुसार माइग्रेन में तीन दोष

आयुर्वेद के अनुसार migraine में तीन दोष वात पित्त और कफ का बहुत ही महत्वपूर्ण रोल होता है।

  • पित्त दोष के इंबैलेंस से तेज और गर्मी बॉडी में बढ़ जाती है।
  • कफ दोष की बढ़ने से बॉडी में भारी पनआता हैं ।
  • वात दोष के अनबैलेंस से ड्राइनेस और इंस्टेबिलिटी आती है

घरेलू उपचार

दोस्तों मैं आपको कुछ घरेलू उपाय बताने जा रहा हूं इसे ध्यान से पड़े-

  • अगर आप माइग्रेन की समस्या में कॉफी का सेवन करते हैं तो इससे भी आपको में माइग्रेन में राहत मिलेगी।
  • अदरक को पानी में उबाल कर पिने से भी माइग्रेन की प्रॉब्लम को दूर किया जा सकता हैं।
  • अगर आप धनिया के बीजो को उबाल कर पिने से इससे राहत मिलती हैं।
  • आप आइस बेग से भी अपने मस्तक की सिकाई कर सकते हैं इससे आपको कुछ ही घंटों में आराम मिल जायेगा।
  • अगर आप तुलसी के तेल से सिर की मालिस करते हैं तो तनाव को दूर करने में बहुत ही कारगर हैं इससे माइग्रेन की दिक्कत भी खत्म हो जाएगी।

परामर्श

अगर आपको ज्यादा दिक्कत हो रही हैं तो आप अपने डॉक्टर को जरुर दिखाए !

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